Gorakhpur

युवाओं के लिए नजीर हैं पीपीगंज के डेयरी वाले बाबा


महराजगंज टाइम्स ब्यूरो: 
दुग्ध उत्पादन पर बात हो और उसमें डेयरी वाले बाबा का जिक्र ना हो तो बात कुछ बेमानी सी लगती है। जुनून व  जज्बा के धनी पीपीगंज के जयप्रकाश त्रिपाठी ने बालिका शिक्षा की ज्योति जलाने के बाद डेयरी के क्षेत्र में चार साल पहले पहला कदम बढ़ाया। मुश्किलों ने कई बार आगे बढ़ने से रोका पर लगन व दृढ़ निश्चय  के आगे सभी बाधाएं धाराशायी होती गईं। अब उनकी पहचान डेयरी वाले बाबा के रूप में है।
गोरखपुर से 30 किमी दूर सोनौली राजमार्ग पर महावनखोर के पास नूरुद्दीन चक गांव में बाबा डेयरी फार्म है। इस डेयरी फार्म के संचालक जय प्रकाश त्रिपाठी  ने दीप शिखा कन्या इंटर कालेज के माध्यम से बालिकाओं की शिक्षा में सराहनीय कार्य किया है। अब वे पिछले 4 वर्षो से क्षेत्र को शुद्ध दूध भी उपलब्ध करा रहें हैं।

बाबा जी की डेयरी में गिर, साहीवाल गायों के साथ मुर्रा नस्ल की भैंस भी


बाबा डेयरी फार्म गोरखपुर में गिर, साहीवाल नस्ल के  शानदार गायों के साथ ही मुर्रा नस्ल की भैंस भी हैं। चार वर्ष पहले 13 पशुओं से शुरू हुए इस डेयरी फार्म में अब 80 पशु हैं। श्री त्रिपाठी अपने पशुओं की देखभाल एवं उनके स्वास्थ्य का पूरा ख्याल स्वयं भी रखते हैं।  पशुओं का आहार फार्म पर ही गेहूं, मक्का, जौ, खली, नमक , मिनरल आदि पीसकर बनाया जाता है। सफाई के साथ दूध की दुहाई से लेकर  पैकिंग स्वयं अपनी देखरेख में करवाते हैं।

 
गोरखपुर के दो सौ घरों में ताजा दूध की होती है होम डिलीवरी
डेयरी संचालक जयप्रकाश त्रिपाठी ने बताया कि गोरखपुर में लगभग 200 परिवारों को ताजे शुद्ध दूध की होम डिलीवरी सुबह और शाम दोनों समय होती है। डेयरी से क्षेत्र के लोगों को रोजगार उपलब्ध कराया गया है।
डेयरी व्यवसाय के लिए जागरूक करना एवं युवाओं को मार्गदर्शन देने  का उनका प्रयास बहुत सराहनीय है।

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