अपराध

जिले में नियमों की खुलेआम धज्जियां: तय समय से पहले शराब बिक्री, नशे के साए में स्कूली बच्चे

 

महराजगंज टाइम्स ब्यूरो:- जहाँ एक ओर सरकार “नशा-मुक्त समाज” और बच्चों की सुरक्षा के बड़े-बड़े दावे करती है, वहीं घुघली नगर की जमीनी हकीकत इन दावों को मुंह चिढ़ा रही है। नगर में सुभाष चौक, ढोढ़ीला चौराहा और रेलवे ढाले के पास देशी शराब की दुकानों पर सुबह 6 बजे से खुलेआम शराब की बिक्री शुरू हो जाती है। नियमों की धज्जियां उड़ाते इस कारोबार का सीधा असर आमजन और खासकर स्कूली बच्चों पर पड़ रहा है। सुबह-सुबह शराब पीकर सड़क किनारे हुड़दंग मचाते शराबी, फुटपाथ पर लेटे नशे में धुत लोग और गाली-गलौज का माहौल—यही तस्वीर सुभाष चौक की बन चुकी है। इसी रास्ते से स्कूल जाने वाले बच्चे रोज गुजरते हैं। कई अभिभावकों का कहना है कि बच्चों को न सिर्फ डर और मानसिक तनाव झेलना पड़ता है, बल्कि कभी भी किसी अप्रिय घटना का खतरा बना रहता है। ढोढ़ीला चौराहा और रेलवे ढाले के आसपास भी हालात चिंताजनक हैं। तड़के शराब की बिक्री शुरू होते ही नशेड़ियों की भीड़ लग जाती है। सड़क पर गिरते-पड़ते लोग यातायात बाधित करते हैं, जिससे हादसे की आशंका बनी रहती है। सवाल यह है कि आबकारी विभाग, पुलिस और नगर प्रशासन की जिम्मेदारी आखिर कहाँ है? क्या सब कुछ जानते हुए भी आंखें मूंद ली गई हैं? स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि यह अवैध समय पर बिक्री बिना मिलीभगत के संभव नहीं। बार-बार शिकायतों के बावजूद न तो दुकानों पर कार्रवाई हो रही है और न ही शराबियों पर नियंत्रण। लोगों की मांग है कि तय समय से पहले शराब बिक्री पर सख्त रोक लगे, संवेदनशील इलाकों में पुलिस गश्त बढ़े और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई हो।अब सबसे बड़ा सवाल यही है—क्या प्रशासन किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है, या फिर बच्चों की सुरक्षा और कानून का राज सिर्फ फाइलों और भाषणों तक ही सीमित रह जाएगा?

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