बर्तन के बदले मोबाइल से चल रहा था साइबर फ्रॉड का खेल, महराजगंज पुलिस ने गैंग का किया भंडाफोड़
गांव-गांव से जुटाए पुराने फोन, बदलते IMEI से देते थे ठगी को अंजाम; 5 आरोपी गिरफ्तार
महराजगंज टाइम्स ब्यूरो :- जिले में साइबर अपराधियों का एक चौंकाने वाला नेटवर्क सामने आया है, जहां पुराने मोबाइल फोन को ही ठगी का हथियार बनाया जा रहा था। पुलिस की कार्रवाई में इस पूरे खेल का खुलासा हुआ है। पुलिस ने एक ऐसे शातिर साइबर गैंग का पर्दाफाश किया है, जो कबाड़ या बर्तन के बदले पुराने मोबाइल फोन इकट्ठा कर उन्हें ठगी के लिए इस्तेमाल करता था। पुलिस ने इस गिरोह के 5 सदस्यों को गिरफ्तार किया है, जो काफी समय से ग्रामीण क्षेत्रों को निशाना बना रहे थे। पुलिस टीम ने परतावल इलाके से आरोपियों को दबोचा। उनके पास से 318 एंड्रॉयड मोबाइल फोन, 110 मोबाइल मदरबोर्ड, 5 अन्य मोबाइल, फर्जी बिल-पर्चियां, ₹5700 नकद और 5 मोटरसाइकिल बरामद की गईं। बरामद मोबाइलों की कुल कीमत लाखों में बताई जा रही है। पूछताछ में सामने आया कि आरोपी गांव-गांव घूमकर लोगों से पुराने मोबाइल के बदले बर्तन या अन्य सामान देकर फोन जमा करते थे। इसके बाद इन मोबाइलों को कोलकाता भेजा जाता था, जहां तकनीकी छेड़छाड़ कर उनके IMEI नंबर बदल दिए जाते थे। फिर इन्हीं फोन का इस्तेमाल OTP फ्रॉड, फिशिंग और फर्जी कॉलिंग जैसे साइबर अपराधों में किया जाता था।पुलिस के मुताबिक, यह गिरोह एक बड़े नेटवर्क का हिस्सा है, जिसकी जांच जारी है। बरामद मोबाइलों के डेटा की जांच कर अन्य जुड़े लोगों की तलाश की जा रही है। इस कार्रवाई को साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी सफलता माना जा रहा है।