तीन प्रतिशत कमीशन का खेल! महराजगंज में एक अधिकारी की कार्यशैली पर उठ रहे गंभीर सवाल : आरोप
हर भुगतान पर मांगा जा रहा तीन प्रतिशत कमीशन, इंकार करने वालों पर जांच का दबाव :
ठेकेदारों की बैठक में पहले कमीशन देने की कथित चेतावनी, जिले में चर्चा तेज लेकिन शिकायत करने से कतरा रहे लोग
महराजगंज टाइम्स ब्यूरो:- जिले में एक विभागीय अधिकारी की कार्यशैली इन दिनों चर्चाओं के केंद्र में है। विभाग से जुड़े कर्मियों और ठेकेदारों के बीच यह चर्चा आम हो गई है कि संबंधित अधिकारी प्रत्येक भुगतान पर तीन प्रतिशत कमीशन की मांग कर रहे हैं। आरोप यह भी है कि जो कर्मचारी या संबंधित व्यक्ति कमीशन देने में आनाकानी करता है, उसके कार्यों और भुगतान से जुड़े मामलों में जांच-पड़ताल शुरू करा दी जाती है। सूत्रों के मुताबिक विभाग में लंबे समय से इस तरह की व्यवस्था चलने की चर्चा है। कर्मचारियों के बीच यह भी कहा जा रहा है कि भुगतान प्रक्रिया को लेकर अनावश्यक दबाव बनाया जाता है, जिससे लोग मजबूरी में कथित कमीशन देने को विवश हो रहे हैं। मामले को लेकर सबसे अधिक चर्चा उस बैठक के बाद तेज हुई, जिसमें विभाग से जुड़े विभिन्न ठेकेदारों को बुलाया गया था। आरोप है कि बैठक में संबंधित अधिकारी ने साफ शब्दों में कहा कि जिन लोगों का भुगतान होना है, वे पहले “कमीशन” की व्यवस्था करें, अन्यथा भुगतान अटक सकता है। इस कथित बयान के बाद विभागीय गलियारों में हलचल और बढ़ गई। हालांकि इस पूरे प्रकरण को लेकर जिले में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं, लेकिन खुलकर कोई सामने नहीं आ रहा। विभाग से जुड़े कई लोग नाम सार्वजनिक होने के डर से कुछ भी बोलने से बच रहे हैं। अंदरखाने यह भी चर्चा है कि उच्चाधिकारियों तक पूरे मामले की जानकारी पहुंच चुकी है, बावजूद इसके अब तक कोई ठोस कार्रवाई या जांच सामने नहीं आई है। लोगों का कहना है कि यदि आरोपों की निष्पक्ष जांच कराई जाए तो कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकते हैं। वहीं, जिले में यह सवाल भी उठ रहा है कि आखिर शिकायतों और चर्चाओं के बावजूद जिम्मेदार अधिकारी चुप्पी क्यों साधे हुए हैं।
यह भी पढ़ें : महराजगंज में सारस संरक्षण को लेकर वन कर्मियों व सारस मित्रों को दिया गया प्रशिक्षण