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शिक्षिका को लिफ्ट लेने के लिए बाध्य करता है लेखाकार, इंकार पर करता है उत्पीड़न, डीएम के पास फरियाद लेकर पहुंची शिक्षिका, बोली - न्याय दीजिए, वरना त्यागपत्र लीजिए

डीएम से शिकायत कर कार्रवाई की मांग, बीएसए करेंगे मामले की जांच

महराजगंज टाइम्स ब्यूरो : कस्तूरबा की एक शिक्षिका  सोमवार को डीएम आफिस पहुंची और स्कूल के लेखाकार की शिकायत की। लेखाकार पर शिक्षिका ने गंभीर आरोप लगाए हैं। डीएम ने बीएसए को मामले की जांच के लिए निर्देशित किया है। 

निचलौल क्षेत्र के एक वनग्राम कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय में तैनात एक शिक्षिका ने डीएम सत्येंद्र कुमार को शिकायती पत्र देकर लेखाकार पर गंभीर आरोप लगाया है। शिक्षिका का आरोप है कि लेखाकार ने गलत मंशा से पहले रूम दिलाने किबपेशकश की।सुरक्षा व सम्मान के लिए वह विद्यालय में ही रहने लगी। इसके बाद लेखाकार ने वार्डन पर दबाव बनवाकर शिक्षिका को विद्यालय परिसर से निकलवा दिया। वह निचलौल में आवास लेकर रहने लगी। वहां से पैदल स्कूल आते जाते वह अपने कार में लिफ्ट देने के लिए दबाव बनाता है। इंकार पर उत्पीड़न व चरित्र पर दोषारोपण करता है,धमकी देता है कि बात नही मानोगी तो वह कहीं का नहीं छोड़ेगा। संविदा समाप्त कराने की भी धमकी देता है। डीएम से फरियाद करते हुए शिक्षिका बोली कि आप न्याय दिलाइए  अन्यथा वह आत्म सम्मान व सुरक्षा कारणों से इस्तीफा देने को मजबूर होगी। इसके लिए सभी अधिकारी जिम्मेदार होंगे। डीएम ने शिक्षिका की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए बीएसए आशीष कुमार सिंह को फोन कर जांच के बाद कार्रवाई का निर्देश दिया। शिक्षिका दूसरे जिले की रहने वाली है। उसकी शिकायत से बेसिक शिक्षा विभाग में खलबली मच गई है।
विद्यालय के वाश रूम का भी इस्तेमाल करने पर है मनाही

शिक्षिका का आरोप है कि लेखाकार ने उसे पहले रहने के लिए कमरा दिलाने की बात कही। जिससे असहज व असुरक्षित महसूस कर शिक्षिका विद्यालय परिसर में ही रहने लगी। इसके बाद लेखाकार ने वार्डन पर दबाव बनवा कर विद्यालय परिसर छोड़ने के लिए मजबूर किया। इसके बाद वह निचलौल कस्बे में किराये पर कमरा लेकर रहने लगी। शिक्षिका का आरोप है कि विद्यालय पैदल आते-जाते देख लेखाकार गाड़ी रोकता है। अपने साथ स्कूल जाने के लिए बाध्य करता है। लेखाकार का यह रवैया विद्यालय में तैनात अन्य महिला स्टाफ के साथ भी है। साथ जाने से मना करने पर उत्पीड़न करता है। विद्यालय के वाशरूम का भी इस्तेमाल करने नहीं दिया जाता। इस मामले में डीएम सत्येन्द्र कुमार ने बताया कि प्रकरण में जांच के लिए बीएसए को निर्देश दिया गया है।

शिकायत करने पर चरित्र पर दोषारोपण किया जाता है : शिक्षिका

शिक्षिका ने डीएम से बताया कि वह लेखाकार के उत्पीड़न से तंग आकर 21 मई 2022 को ही जिला समन्वयक बालिका शिक्षा को लिखित शिकायत दी थी। बावजूद उसके कोई कार्रवाई नहीं हुई। शिकायत करने पर चरित्र पर दोषारोपण किया जाता है। संविदा समाप्त करने की धमकी दी जाती है।

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